उसकी यादों में....


आज
एक नई कसक दिल में पैदा हुई है
ख़ुशी मेरे लबों पर नज़र आई है
हाँ जानता हूँ मुझे प्यार है उस से
वो ना भी मिले तो क्या रुसवाई है?

दो पल ख़ुशी के बिताता हूँ उस संग
ख्वाबों में मेरे अब वो ही समायी है
नम आँखें भी मेरी अब यही कहती हैं
वो ना भी मिले तो क्या रुसवाई है?

2 comments:

Babli ने कहा…

बहुत ख़ूबसूरत और भावपूर्ण रचना लिखा है आपने!

Suman ने कहा…

nice

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